Romantic Shayari, Best Romantic Sms, New Romantic Shayari

तन्हाइयों में मुस्कुराना इश्क़ है
एक बात को सब से छुपाना इश्क़ है
यूँ तो नींद नहीं आती हमें रात भर
मगर सोते-सोते जागना और
जागते-जागते सोना ही इश्क़ है।

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 खुशबू की तरह मेरी हर साँस में
प्यार अपना बसाने का वादा करो
रंग जितने तुम्हारी मोहब्बत के हैं
मेरे दिल में सजाने का वादा करो।

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 हम वो फूल हैं जो रोज़ रोज़ नहीं खिलते
यह वो होंठ हैं जो कभी नहीं सिलते
हम से बिछड़ोगे तो एहसास होगा तुम्हें
हम वो दोस्त हैं जो रोज़ रोज़ नहीं मिलते।

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 लफ़्ज़ों में कैसे तारीफ करूँ
लफ़्ज़ों में आप कैसे समा पाओगे
जब भी पूछेंगे कभी लोग आपके बारे में
हमारी आँखों में देख कर वो सब जान जायेंगे।



 तुम को तो जान से प्यारा बना लिया
दिल को सुकून आँख का तारा का बना लिया
अब तुम साथ दो या ना दो तुम्हारी मर्ज़ी
हम ने तो तुम्हें ज़िन्दगी का सहारा बना लिया।

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 जाने कहाँ थे और और चले थे कहाँ से हम
बेदार हो गए किसी ख्वाब-ए-गिराँ से हम
ऐ नौ-बहार-ए-नाज़ तेरी निकहतों की खैर
दामन झटक के निकले तेरे गुलसिताँ से हम।

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 तेरे बिना टूट कर बिखर जायेंगे
तुम मिल गए तो गुलशन की तरह खिल जायेंगे
तुम ना मिले तो जीते जी ही मर जायेंगे
तुम्हें जो पा लिया तो मर कर भी जी जायेंगे।

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 इत्तेफ़ाक़ से ही सही मगर मुलाकात हो गयी
ढूंढ रहे थे हम जिन्हें आखिर उन से बात हो गयी
देखते ही उन को जाने कहाँ खो गए हम
बस यूँ समझो दोस्तो वहीं से
हमारे प्यार की शुरुआत हो गयी।

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 रात होगी तो चाँद दुहाई देगा
ख्वाबों में आपको वह चेहरा दिखाई देगा
ये मोहब्बत है ज़रा सोच कर करना
एक आंसू भी गिरा तो सुनाई देगा।

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 ऐ आशिक तू सोच तेरा क्या होगा
क्योंकि हशर की परवाह मैं नहीं करता
फनाह होना तो रिवायत है तेरी
इश्क़ नाम है मेरा मैं नहीं मरता।

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 दिल की हसरत मेरी ज़ुबान पे आने लगी
तुमने देखा और ये ज़िन्दगी मुस्कुराने लगी
ये इश्क़ के इन्तहा थी या दीवानगी मेरी
हर सूरत में मुझे सूरत तेरी नज़र आने लगी। 

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 ये दिल भुलाता नहीं है मोहब्बतें उसकी
पड़ी हुई थी मुझे कितनी आदतें उसकी
ये मेरा सारा सफर उसकी खुशबू में कटा
मुझे तो राह दिखाती थी चाहतें उसकी।

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 ख्याल में आता है जब भी उसका चेहरा
तो लबों पे अक्सर फरियाद आती है
भूल जाता हूँ सारे ग़म और सितम उसके
जब ही उसकी थोड़ी सी मोहब्बत याद आती है।

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 ख्याल में आता है जब भी उसका चेहरा
तो लबों पे अक्सर फरियाद आती है
भूल जाता हूँ सारे ग़म और सितम उसके
जब ही उसकी थोड़ी सी मोहब्बत याद आती है।

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 जब भी उनकी गली से गुज़रता हूँ
मेरी आंखें एक दस्तक दे देती हैं
दुःख ये नहीं वो दरवाजा बंद कर देते हैं
खुशी ये है वो मुझे अब भी पहचान लेते हैं

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 तुम्हारी दुनिया से जाने के बाद
हम तुम्हें हर एक तारे में नज़र आया करेंगे
तुम हर पल कोई दुआ माँग लेना
और हम हर पल टूट जाया करेंगे।

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 धोखा दिया था जब तूने मुझे
जिंदगी से मैं नाराज था
सोचा कि दिल से तुझे निकाल दूं
मगर कंबख्त दिल भी तेरे पास था।

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 सब कुछ है मेरे पास पर दिल की दवा नहीं
दूर वो मुझसे हैं पर मैं खफा नहीं
मालूम है अब भी वो प्यार करते हैं मुझसे
वो थोड़ा सा जिद्दी है मगर बेवफा नहीं

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 वफ़ा का लाज हम वफा से निभायेगें
चाहत के दीप हम आँखों से जलाएंगे
कभी जो गुजरना हो तुम्हें दूसरे रास्तों से
हम फूल बनकर तेरी राहों में बिखर जायेंगे

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 जो दिल से करीब हो उसे रुसवा नहीं कहते
यूं अपनी मोहब्बत का तमाशा नहीं करते
खामोश रहेंगे तो घुटन और बढ़ेगी
इसलिए अपनों से कोई बात छुपाया नहीं करते

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 आँखों में आंसुओं की लकीर बन गई
जैसी चाहिए थी वैसी तकदीर बन गई
हमने तो सिर्फ रेत में उंगलियाँ घुमाई थी
गौर से देखा तो आपकी तस्वीर बन गई

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 ना जाने वो कौन तेरा हबीब होगा
तेरे हाथों में जिसका नसीब होगा
कोई तुम्हें चाहे ये कोई बड़ी बात नहीं
लेकिन तुम जिसको चाहो वो खुश नसीब होगा

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 एक जनाजा और एक बारात टकरा गए
उनको देखने वाले भी चकरा गए
ऊपर से आवाज आई-ये कैसी विदाई है
महबूब की डोली देखने साजन कि अर्थी भी आई है।

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 छुपा लूं तुझको अपनी बाँहों में इस तरह
कि हवा भी गुजरने की इजाज़त मांगे
मदहोश हो जाऊं तेरे प्यार में इस तरह
कि होश भी आने की इजाज़त मांगे

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 इश्क का जिसको ख्वाब आ जाता है
समझो उसका वक़्त खराब आ जाता है
महबूब आये या न आये
पर तारे गिनने का तो हिसाब आ ही जाता है

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 रात होगी तो चाँद दुहाई देगा
ख्वाबों में आपको वह चेहरा दिखाई देगा
ये मोहब्बत है ज़रा सोचकर करना
एक आंसू भी गिरा तो सुनाई देगा

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 हम रूठे तो किसके भरोसे
कौन आएगा हमें मनाने के लिए
हो सकता है
तरस आ भी जाए आपको
पर दिल कहाँ से लाये
आप से रूठ जाने के लिए

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 कोई छुपाता है कोई बताता है
कोई रुलाता है तो कोई हंसाता है
प्यार तो हर किसी को ही
किसी न किसी से हो जाता है
फर्क तो इतना है कि कोई अजमाता है
और कोई निभाता है

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 ना आना लेकर उसे मेरे जनाजे में
मेरी मोहब्बत की तौहीन होगी
मैं चार लोगो के कंधे पर हूंगा
और मेरी जान पैदल होगी

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 मेरी मोहब्बत है वो कोई मज़बूरी तो नही
वो मुझे चाहे या मिल जाये जरूरी तो नही
ये कुछ कम है कि बसा है मेरी साँसों में वो
सामने हो मेरी आँखों के जरूरी तो नही

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 मेरे इश्क ने सीख ली है
अब वक़्त की तकसीम...
वो मुझे बहुत कम याद आता है
सिर्फ इतना - दिल की
हर एक धड़कन के साथ

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 उनके आने के इंतज़ार में हमनें
सारे रास्ते दिएँ से जलाकर रोशन कर दिए
उन्होंने सोचा कि मिलने का वादा तो रात का था
वो सुबह समझ कर वापस चल दिए।

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  छुपा लूं तुझको अपनी बाँहों में इस तरह
कि हवा भी गुजरने की इजाज़त मांगे
मदहोश हो जाऊं तेरे प्यार में इस तरह
कि होश भी आने की इजाज़त मांगे

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 दो दिलो की मोहब्बत से जलते हैं लोग
तरह-तरह की बातें तो करते हैं लोग
जब चाँद और सूरज का होता है खुलकर मिलन
तो उसे भी सूर्य ग्रहण तक कहते हैं लोग

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 रात होगी तो चाँद दुहाई देगा
ख्वाबों में आपको वह चेहरा दिखाई देगा
ये मोहब्बत है ज़रा सोचकर करना
एक आंसू भी गिरा तो सुनाई देगा

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 कोई छुपाता है कोई बताता है
कोई रुलाता है तो कोई हंसाता है
प्यार तो हर किसी को ही किसी
न किसी से हो जाता है
फर्क तो इतना है कि कोई अजमाता है
और कोई निभाता है

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  ना आना लेकर उसे मेरे जनाजे में
मेरी मोहब्बत की तौहीन होगी
मैं चार लोगो के कंधे पर हूंगा
और मेरी जान पैदल होगी

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 खफा न होना हमसे
अगर तेरा नाम जुबां पर आ जाये
इंकार हुआ तो सह लेंगे और अगर दुनिया हंसी
तो कह देंगे कि मोहब्बत कोई चीज़ नहीं
जो खैरात में मिल जाये चमचमाता कोई जुगनू नहीं
जो हर रात में मिल जाये

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 मेरी मोहब्बत है वो कोई मज़बूरी तो नही
वो मुझे चाहे या मिल जाये जरूरी तो नही
ये कुछ कम है कि बसा है मेरी साँसों में वो
सामने हो मेरी आँखों के जरूरी तो नही

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 बड़ी मुददत के बाद मिलने
वाली थी कैद से आज़ादी
पर किस्मत तो देखो जब
आज़ादी मिलने वाली थी
तब तक पिंजरे से प्यार हो चुका था

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 ऐ आशिक तू सोच तेरा क्या होगा
क्योंकि हशर की परवाह मैं नहीं करता
फनाह होना तो रिवायत है तेरी
इश्क़ नाम है मेरा मैं नहीं मरता।

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 करिये तो कोशिश हमको याद करने की
फुर्सत के लम्हे तो अपने आप मिल जायेंगे
दिल में अगर है चाहत हमसे मिलने की
बहाने मिलने के खुद-ब-खुद बन जायेंगे।

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 माना कि किस्मत पे मेरा कोई ज़ोर नही
पर ये सच है कि मोहब्बत मेरी कमज़ोर नही
उस के दिल मे उसकी यादो मे कोई और है लेकिन
मेरी हर साँस में उसके सिवा कोई और नही।

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 जब कोई ख्याल दिल से टकराता है
दिल ना चाह कर भी खामोश रह जाता है
कोई सब कुछ कहकर प्यार जताता है
कोई कुछ ना कहकर भी सब बोल जाता है।

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 मेरी साँसों में बिखर जाओ तो अच्छा होगा
बन के रूह मेरे जिस्म में उतर जाओ तो अच्छा होगा
किसी रात तेरी गोद में सिर रख के सो जाऊं
फिर उस रात की कभी सुबह ना हो तो अच्छा होगा।

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 दुःख में ख़ुशी की वजह बनी है मोहब्बत
दर्द में यादों की वजह बनी है मोहब्बत
जब कुछ भी ना रहा था अच्छा इस दुनिया में
तब हमारे जीने की वजह बनी है यह मोहब्बत।

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 क्या मांगू खुदा से तुम्हें पाने के बाद
किसका करूँ इंतज़ार तेरे आने के बाद
क्यों इश्क़ में जान लुटा देते हैं लोग
मैंने भी यह जाना तुमसे इश्क़ करने के बाद।

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 कुछ उलझे हुए सवालों से डरता है दिल
ना जाने क्यों तन्हाई में बिखरता है दिल
किसी को पा लेना कोई बड़ी बात तो नहीं
पर उनको खोने से डरता है यह दिल।

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 आँखों में चाहत दिल में कशिश है
फिर क्यों ना जाने मुलाकात में बंदिश है
मोहब्बत है हम दोनों को एक-दूसरे से
फिर भी दिलों में ना जाने यह रंजिश क्यों है।

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 तेरा एहसान हम कभी चुका नहीं सकते
तू अगर माँगे जान तो इंकार कर नहीं सकते
माना कि ज़िंदगी लेती है इम्तिहान बहुत
तू अगर हो हमारे साथ तो हम कभी हार नहीं सकते।

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 किसी पत्थर में मूर्त है कोई पत्थर की मूर्त है
लो हम ने देख ली दुनिया जो इतनी खूबसूरत है
ज़माना अपनी न समझे कभी पर मुझे खबर है
कि तुझे मेरी ज़रूरत है और मुझे तेरी ज़रूरत है।

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 लाख बंदिशें लगा दे यह दुनिया हम पर
मगर दिल पर काबू हम कर नहीं पायेंगे
वो लम्हा आखिरी होगा हमारी ज़िन्दगी का
जिस पल हम तुझे इस दिल से भूल जायेंगे।

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 ऐसा जगाया आपने कि अब तक ना सो सके
यूँ रुलाया आपने कि महफ़िल में हम ना रो सके
ना जाने क्या बात है आप में सनम
माना है जबसे तुम्हें अपना किसी के ना हम हो सके।

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 माना कि किस्मत पे मेरा कोई ज़ोर नही
पर ये सच है कि मोहब्बत मेरी कमज़ोर नही
उसके दिल में उसकी यादो में कोई और है लेकिन
मेरी हर साँस में उसके सिवा कोई और नही।

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