Romantic Hindi SMS, Love SMS, Romantic Message ... - Shayari

हर इल्जाम का हकदार वो हमे बना जाते है,
हर खता कि सजा वो हमे सुना जाते है,
हम हरबार खामोश रह जाते है,
क्योकी वो अपना होने का हक जता जाते है.

 साथ में गुजारी हर वो, शाम भूल गए,
मोहब्बत वाली बातें, तमाम भूल गए,
कायनात में कायम,बहुत
कम ही रहते हैं अपने वादे पे,
फिर भी, गिला यही है
कि तुम मेरा, नाम भूल गए.

 आज उन्हे फुर्सत नही हमसे बात करने की,
ये जिन्दगी गुजर गई उनकी फरियाद करके,
वो आए हमारी मौत पे,
तो कह देना अभी सोया है आपको याद करके.

 लोग मोहब्बत को खुदा का नाम देते है,
कोई करता है तो इल्जाम देते है।
कहते है पत्थर दिल रोया नही करते,
और पत्थर के रोने को झरने का नाम देते है। 



 दिल से खेलना हमे आता नहीं,
इसलिये इश्क की बाजी हम हार गए,
शायद मेरी जिन्दगी से बहुत प्यार था उन्हें,
इसलिये मुझे जिंदा ही मार गए.

  मत इंतज़ार कराओ हमे इतना,
कि वक़्त के फैसले पर अफ़सोस हो जाये,
क्या पता कल तुम लौटकर आओ,
और हम खामोश हो जाएँ.

 दर्द सहते सहते इंसान सिर्फ
हसना नहीं रोना भी छोड़ देता है 

  महसुस हो रही है सरगोशियां धडकनों की. ..
लगता है एक पगला मेरे शहर आ रहा है!!

हमें कोई ग़म नहीं था ग़म-ए-आशिक़ी से पहले,
न थी दुश्मनी किसी से तेरी दोस्ती से पहले,
है ये मेरी बदनसीबी तेरा क्या कुसूर इसमें,
तेरे ग़म ने मार डाला मुझे ज़िन्दग़ी से पहले।

 सब कुछ मिला सुकून की दौलत न मिली;
एक तुझको भूल जाने की मोहलत न मिली;
करने को बहुत काम थे अपने लिए मगर;
हमको तेरे ख्याल से कभी फुर्सत न मिली।

  किसी ने यूँ ही पुछ लिया हमसे
कि दर्द की कीमत क्या है;
हमने हँसते हुए कहा, पता नहीं
कुछ अपने मुफ्त में दे जाते हैं। 


 रोते रहे तुम भी, रोते रहे हम भी;
कहते रहे तुम भी और कहते रहे हम भी;
ना जाने इस ज़माने को हमारे इश्क़ से क्या नाराज़गी थी;
बस समझाते रहे तुम भी और समझाते रहे हम भी।

 वो नाराज़ हैं हमसे कि हम कुछ लिखते नहीं;
कहाँ से लाएं लफ्ज़ जब हमको मिलते नहीं;
दर्द की ज़ुबान होती तो बता देते शायद;
वो ज़ख्म कैसे दिखाए जो दिखते नहीं।

 मुहब्बत में झुकना कोई अजीब बात नहीं;
चमकता सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए।

 हज़ार बार ली है तुमने
तलाशी मेरे दिल की,
बताओ कभी कुछ मिला है
इसमें प्यार के सिवा..

 ना pimple वाली के लिये,
ना dimple वाली के लिये,
ये photo है सिर्फ
अपनी simple वाली के लिये

 बादलों से कह दो अब इतना भी ना बरसे….
अगर मुझे उनकी याद आ गई,
तो मुकाबला बराबरी का होगा….

 करेगा ज़माना भी कद्र हमारी एक दिन,
बस हमारी ये वफ़ा करने की लत मिट जाये...

 चैन मिलता था जिसे आके पनाहों में मेरी....
आज देता है वही अश्क निगाहों में मेरी....

कशिश होती है कुछ फूलों
में पर ख़ुशबू नहीं होती,
ये अच्छी सूरतों वाले
सभी अच्छे नहीं होते..

 दीदार की तलब हो तो नज़रे जमाये रखना
क्युकी, नकाब हो या नसीब सरकता जरुर है।

 ये अश्क़ नहीं तेरी यादों के मोती हैं
तेरे लिये रोज़ सँवरती हूँ इन्हें पहन कर.

 पाई थी हर चीज़ जो चाही मैंने ज़िन्दगी में,
बस तेरी उल्फत के आगे मैं हो गया बर्बाद,
कब तक राह देखता मैं भी तेरे आने की,
अरसो से कर रहा हूँ मैं तेरा इंतज़ार.


स्याहीथोड़ी‬ कम पड़ गई वर्ना किस्मत
तो अपनी भी खूबसूरत#लिखी गई थी...

 इश्क मुहब्बत क्या है..? मुझे नही मालूम…?
बस तुम्हारी याद आती है..? सीधी सी बात है

 वो बड़े ताज्जुब से पूछ
बैठा मेरे गम की वजह..
फिर हल्का सा मुस्कराया,
और कहा, मोहब्बत की थी ना… ??

 साथ अगर दोगे तो मुस्कुराएंगे ज़रूर
प्यार अगर दिल से करोगे तो निभाएंगे ज़रूर
कितने भी काँटे क्यों ना हों राहों में
आवाज़ अगर दिल से दोगे तो आएंगे ज़रूर।

  जब से तूने मुझे दीवाना बना रखा है
संग हर शख्स ने हाथों में उठा रखा है
उसके दिल पर भी कड़ी इश्क में गुजरी होगी
नाम जिसने भी मोहब्बत का सज़ा रखा है

  हर खामोशी का मतलब इंकार नहीं होता
हर नाकामयाबी का मतलब हार नहीं होता
तो क्या हुआ अगर हम तुम्हें न पा सके
सिर्फ पाने का मतलब प्यार नहीं होता

 किसी का क्या जो क़दमों पर जबीं-ए-बंदगी रख दी
हमारी चीज़ थी हमने जहां जानी वहां रख दी
जो दिल माँगा तो वो बोले ठहरो याद करने दो
ज़रा सी चीज़ थी हमने जाने कहाँ रख दी 

 दुख मे खुशी की वजह बनती है मोहब्बत
दर्द मे यादों की वजह बनती है मोहब्बत
जब कुछ भी अच्छा नहीं लगता दुनिया में
तब जीने की वजह बनती है मोहब्बत।

 मोहब्बत मुझे थी उसी से सनम
यादों में उसकी यह दिल तड़पता रहा
मौत भी मेरी चाहत को रोक न सकी
कब्र में भी यह दिल धड़कता रहा

 तुम्हारे नाम को होंठों पर सजाया है मैंने
तुम्हारी रूह को अपने दिल में बसाया है मैंने
दुनिया आपको ढूंढते ढूंढते हो जायेगी पागल
दिल के ऐसे कोने में छुपाया है मैंने 

 अगर तुम न होते तो ग़ज़ल कौन कहता
तुम्हारे चहरे को कमल कौन कहता
यह तो करिश्मा है मोहब्बत का
वरना पत्थर को ताज महल कौन कहता

 दिल को था आपका बेसबरी से इंतजार
पलके भी थी आपकी एक झलक को बेकरार
आपके आने से आयी है कुछ ऐसी बहार
कि दिल बस मांगे आपके लिये खुशियाँ बेशुमार

 कुछ खूबसूरत पल याद आते हैं,
पलकों पर आँसु छोड जाते हैं,
कल कोई और मिले हमें न भुलना
क्योंकि कुछ रिश्ते जिन्दगी भर याद आते हैं

 दोस्ती का शुक्रिया कुछ इस तरह अदा करू,
आप भूल भी जाओ तो मे हर पल याद करू,
खुदा ने बस इतना सिखाया हे मुझे
कि खुद से पहले आपके लिए दुआ करू..

 गम ने हसने न दिया, ज़माने ने रोने न दिया!
इस उलझन ने चैन से जीने न दिया!
थक के जब सितारों से पनाह ली!
नींद आई तो तेरी याद ने सोने न दिया!

 याद करते है तुम्हे तनहाई में,
दिल डूबा है गमो की गहराई में,
हमें मत धुन्ड़ना दुनिया की भीड़ में,
हम मिलेंगे में तुम्हे तुम्हारी परछाई में.

 तेरी याद में ज़रा आँखें भिगो लूँ;
उदास रात की तन्हाई में सो लूँ;
अकेले ग़म का बोझ अब संभलता नहीं;
अगर तू मिल जाये तो तुझसे लिपट कर रो लूँ।

 दुःख में ख़ुशी की वजह बनती है मोहब्बत
दर्द में यादों की वजह बनती है मोहब्बत
जब कुछ भी अच्छा ना लगे हमें दुनिया में
तब हमारे जीने की वजह बनती है मोहब्बत।

 दिल के लुट जाने का इज़हार ज़रूरी तो नहीं
यह तमाशा सरे बाजार ज़रूरी तो नहीं
मुझे था इश्क़ तेरी रूह से और अब भी है
जिस्म से कोई सरोकार ज़रूरी तो नहीं।

 इश्क़ फिर वो रंग लाया है कि जी जाने है
दिल का ये रंग बनाया है कि जी जाने है
नाज़ उठाने में जफ़ाएं तो उठाई लेकिन
लुत्फ़ भी ऐसा उठाया है कि जी जाने है।

 कभी मोहब्बत करो तो हमसे करना
दिल की बात जुबाँ पर आये तो हम से कहना
न कह सको कुछ तो आँखें झुका लेना
हम समझ जायेंगे हमें तुम न कुछ कहना।

 चुराकर दिल मेरा वो बेखबर से बैठे हैं
मिलाते नहीं नज़र हमसे अब शर्मा कर बैठे हैं
देख कर हमको छुपा लेते हैं मुँह आँचल में अपना
अब घबरा रहे हैं कि वो क्या कर बैठे हैं।

 ज़िंदगी जीने के लिए मुझे दुआ चाहिए
उस पर किस्मत की भी वफ़ा चाहिए
खुदा के रहम से सब कुछ है मेरे पास
बस प्यार करने के लिए आप जैसा कोई महबूब चाहिए।

 तू ही मिल जाये मुझे ये ही काफ़ी है
मेरी हर साँस ने बस यही दुआ माँगी है
जाने क्यों दिल खींचा जाता है तेरी तरफ़
क्या तुमने भी मुझे पाने की कोई दुआ माँगी है।

 जो रहते हैं दिल में वो जुदा नहीं होते
कुछ एहसास लफ़्ज़ों से बयां नहीं होते
एक हसरत है कि उनको मनाये कभी
एक वो हैं कि कभी खफा नहीं होते।

 आप को भूल जाऊं यह नामुमकिन सी बात है
आप को न हो यकीन यह और बात है
जब तक रहेगी साँस तब तक आप रहोगे याद
टूट जाये यह साँस तो यह और बात है।

 बगैर जाने-पहचाने इक़रार ना कीजिये
मुस्कुरा कर यूँ दिलों को बेक़रार ना कीजिये
फूल भी दे जाते हैं ज़ख़्म गहरे कभी-कभी
हर फूल पर यूँ ऐतबार ना कीजिये।

 निकला करो इधर से भी होकर कभी कभी
आया करो हमारे भी घर पर कभी कभी
माना कि रूठ जाना यूँ आदत है आप की
लगते मगर हैं अच्छे आपके ये तेवर कभी कभी।

 आँखों के सामने हर पल आपको पाया है
अपने दिल में सिर्फ आपको ही बसाया है
आपके बिना हम जियें भी तो कैसे
भला जान के बिना भी कोई जी पाया है।

 दिल की किताब में गुलाब उनका था
रात की नींद में एक ख्वाब उनका था
है कितना प्यार हमसे जब यह हमने पूछ लिया
मर जायेंगे बिन तेरे यह जवाब उनका था।

 ना जाने वो कौन तेरा हबीब होगा
तेरे हाथों में जिसका नसीब होगा
कोई तुम्हें चाहे ये कोई बड़ी बात नहीं
लेकिन तुम जिसको चाहो वो खुश नसीब होगा

 एक जनाजा और एक बारात टकरा गए
उनको देखने वाले भी चकरा गए
ऊपर से आवाज आई-ये कैसी विदाई है
महबूब की डोली देखने साजन कि अर्थी भी आई है।

  मेरी साँसों में बिखर जाओ तो अच्छा होगा
बन के रूह मेरे जिस्म में उतर जाओ तो अच्छा होगा
किसी रात तेरी गोद में सिर रख के सो जाऊं
फिर उस रात की कभी सुबह ना हो तो अच्छा होगा।

 दुःख में ख़ुशी की वजह बनी है मोहब्बत
दर्द में यादों की वजह बनी है मोहब्बत
जब कुछ भी ना रहा था अच्छा इस दुनिया में
तब हमारे जीने की वजह बनी है यह मोहब्बत।

 क्या मांगू खुदा से तुम्हें पाने के बाद
किसका करूँ इंतज़ार तेरे आने के बाद
क्यों इश्क़ में जान लुटा देते हैं लोग
मैंने भी यह जाना तुमसे इश्क़ करने के बाद।

 कुछ उलझे हुए सवालों से डरता है दिल
ना जाने क्यों तन्हाई में बिखरता है दिल
किसी को पा लेना कोई बड़ी बात तो नहीं
पर उनको खोने से डरता है यह दिल।

 आँखों में चाहत दिल में कशिश है
फिर क्यों ना जाने मुलाकात में बंदिश है
मोहब्बत है हम दोनों को एक-दूसरे से
फिर भी दिलों में ना जाने यह रंजिश क्यों है।

 तेरा एहसान हम कभी चुका नहीं सकते
तू अगर माँगे जान तो इंकार कर नहीं सकते
माना कि ज़िंदगी लेती है इम्तिहान बहुत
तू अगर हो हमारे साथ तो हम कभी हार नहीं सकते।





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